मेदिनीनगर। जीएल कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. दिनेश कुमार सिंह और मुख्य वक्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन मौजूद रहे। अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. जसबीर बग्गा ने की।

राकेश रंजन ने कहा कि हर विद्यार्थी को कानून की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और अशिक्षा के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। डालसा आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है। उन्होंने महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों के अधिकार, साइबर अपराध से बचाव, घरेलू हिंसा, उपभोक्ता अधिकार और लोक अदालत की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल जस्टिस का मतलब है कि न्याय घर-घर तक पहुंचे और गरीबी न्याय पाने में बाधा न बने।

कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षित समाज वही है जो अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों को भी समझता है। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान के मूल्यों को अपनाने और समाज में न्याय व समानता की भावना मजबूत करने की अपील की।

इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने डालसा की योजनाओं और गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही कानूनी सेवाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संजय बाड़ा ने दिया। मौके पर कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी, स्वयंसेवक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।