रांची। आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीते 12 दिनों से झारखंड के छात्र-छात्राएं मूसलाधार बारिश और खुले आसमान के नीचे अपने निष्पक्ष भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के लिए आंदोलन कर रहे हैं। यह किसी राजनीतिक दल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है।

सुदेश महतो ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंदोलनरत छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने के बजाय सरकार समय बिताने और लुका-छिपी का खेल खेल रही है। उन्होंने पूछा कि यदि सरकार गंभीर है तो झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के जिम्मेदार अधिकारियों को अब तक पद से क्यों नहीं हटाया गया? 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) रद्द क्यों नहीं हुई और जेएसएससी-सीजीएल की विवादित नियुक्तियों पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

जेएसएससी-सीजीएल मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने परीक्षा परिणाम जारी करने की अनुमति इस शर्त पर दी थी कि जांच तय समय सीमा में पूरी होगी। हालिया घटनाक्रमों से पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार को बिना देरी किए जांच की अंतिम रिपोर्ट उच्च न्यायालय में सौंपनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। श्री महतो ने छात्रों से संयम, निर्भीकता और तार्किकता के साथ अपनी बात रखने की अपील करते हुए कहा कि आजसू पार्टी सत्य और न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।

उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर त्वरित निर्णय लेने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया, तो आजसू पार्टी पूरे राज्य में व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।