जमशेदपुर। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के चौथे दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की एक नई यात्रा की शुरुआत है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर है, जो साहस,अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। युवा उनके आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। राज्य संसाधनों, युवाओं की प्रतिभा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से संपन्न है। आवश्यकता केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के अवसर देने की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लागू एनईपी-2020 बहुविषयक शिक्षा, शोध और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा दे रही है। विश्वविद्यालय छात्रों को सिर्फ नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि एआई और स्टार्टअप के दौर में 'रोजगार सृजक' (उद्यमी) बनाएं।
सभी निजी संस्थान यूजीसी और राज्य सरकार के मानकों का कड़ाई से पालन करें तथा शिक्षा की गुणवत्ता, उत्कृष्ट शिक्षकों और शोध को प्राथमिकता दें।
उन्होंने युवाओं से 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने परिसर को पूरी तरह नशामुक्त रखने की अपील की।
