रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हो रही कथित धांधली, भ्रष्टाचार और अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ संयुक्त छात्र-युवा संगठनों ने 7 अगस्त को आयोजित होने वाले विधानसभा घेराव को लेकर प्रेस वार्ता की। इस दौरान छात्र नेताओं ने राज्य सरकार से 14वीं जेपीएससी परीक्षा को तत्काल रद्द करने और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत पुनः परीक्षा कराने की मांग की।
एआईएसएफ के राष्ट्रीय महासचिव दिनेश ने कहा है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा राज्य के लाखों युवाओं के साथ बड़ा धोखा है। जेपीएससी के नाम पर अभ्यर्थियों के साथ वर्षों से अन्याय हो रहा है। राज्य सरकार को अविलंब हस्तक्षेप करते हुए इस परीक्षा को रद्द करना चाहिए और पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा आयोजित करनी चाहिए। एआईवाईएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन कुमार सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2003 से जेपीएससी लगातार विवादों में रही है। जिस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगे और प्राथमिकी दर्ज हुई, उसी को दोबारा परीक्षा का जिम्मा सौंपना दुर्भाग्यपूर्ण है। 14वीं जेपीएससी की नियुक्ति प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। एसएफआई के प्रदेश संयोजक दानिश ने कहा कि 7 अगस्त का आंदोलन युवाओं के अधिकारों की लड़ाई है। सरकार जेपीएससी और जेएसएससी में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करे, क्लस्टर सिस्टम को वापस ले और 'ई-कल्याण' छात्रवृत्ति का त्वरित भुगतान करे।
विधानसभा घेराव पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा। छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार के समक्ष पहुंच रहे हैं। राज्य सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनसे वार्ता करनी चाहिए।
