जमशेदपुर। जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के सिदगोड़ा परिसर में गुरुवार को "जेंडर सेंसिटाइजेशन एंड इन्क्लूजन" विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महिला सशक्तिकरण और समानता के महत्व पर अपने विचार रखे।
कुलपति प्रो. इला कुमार ने कहा कि महिलाओं में समाज के हर क्षेत्र में नेतृत्व करने और सफलता हासिल करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नीतियों से संभव नहीं, बल्कि परिवार, विद्यालय और समाज में समानता की सोच विकसित करने से ही वास्तविक बदलाव आएगा। उन्होंने बेटियों और बेटों को समान अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह दो दिवसीय कार्यशाला 6 और 7 अगस्त 2026 को झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA), उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार और ज्ञान सहयोगी संस्था हमारी लाडो फाउंडेशन, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रेमलता पूनिया, राधिका सचदेवा और दीपा वर्मा ने जेंडर समानता, महिला नेतृत्व, समावेशी शिक्षा और कार्यस्थल पर समान अवसर जैसे विषयों पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. सलोमी कुजूर, लिंक ऑफिसर एकेडमिक एवं आईटी डॉ. अन्नपूर्णा झा सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। JSFDA की ओर से डॉ. पीयूष माल पहाड़िया और विशाल प्रसाद ने कार्यशाला के उद्देश्यों और उच्च शिक्षा संस्थानों में समावेशी वातावरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का समन्वयन प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एवं नोडल ऑफिसर डॉ. मनीषा टाइटस के नेतृत्व में किया गया, जबकि को-कनवेनर डॉ. अनीता मिश्रा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और विभिन्न महाविद्यालयों के संकाय सदस्यों ने भाग लिया। संवादात्मक सत्रों और समूह चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों ने जेंडर समानता और समावेशिता के विभिन्न पहलुओं को समझा।
