रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों द्वारा किए जा रहे आंदोलन के बीच सत्तारूढ़ घटक दल कांग्रेस ने युवाओं के समर्थन में आवाज उठाई है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की और छात्रों की मांगों से संबंधित 7 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं के कारण राज्य के युवाओं में भारी असमंजस, अविश्वास और निराशा का माहौल बना हुआ है। इससे राज्य की संवैधानिक व स्वायत्त संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस ने युवाओं के बीच व्याप्त अनिश्चितता को दूर करने के लिए समयबद्ध और प्रभावी समाधान निकालने की मांग की है।
कांग्रेस की 7 सूत्री मांगें
पारदर्शी और समयबद्ध जांच: जेपीएससी एवं जेएसएससी पर लगे सभी आरोपों की समयबद्ध और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा जांच की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से सार्वजनिक की जाए।
ब्लैकलिस्टिंग व कार्रवाई: टीडीपीएल सहित जिन एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, उनकी गहन जांच कराकर दोषी पाए जाने पर उन्हें काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाला जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला: दोनों आयोगों में वर्तमान में पदस्थापित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का अविलंब तबादला किया जाए तथा संस्थाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए निष्पक्ष और योग्य अधिकारियों को नियुक्त किया जाए।
वार्षिक परीक्षा कैलेंडर: जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं (अधिसूचना से लेकर अंतिम परिणाम और नियुक्ति) के लिए एक निश्चित वार्षिक कैलेंडर जारी कर समयबद्ध भर्ती सुनिश्चित की जाए।
कदाचार रोधी कानून का कड़ा क्रियान्वयन: राज्य में पारित 'झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023' का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
लंबित मामलों की समीक्षा: आरक्षण, बैकलॉग रिक्तियों और लंबित नियुक्तियों से जुड़े मुद्दों की विभागीय समीक्षा कर स्पष्ट और समयबद्ध नीति बनाई जाए।
सर्वदलीय बैठक और छात्रों से संवाद: सर्वदलीय बैठक बुलाकर छात्र प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद कायम किया जाए, ताकि युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
