लोहरदगा। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट लोहरदगा ने मानव तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन आहट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कथित मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान चार नाबालिग बालिकाओं को सकुशल मुक्त कराया गया। आरपीएफ की स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (एसआईबी) को सूचना मिली थी कि कुछ नाबालिग बालिकाओं को अवैध रोजगार दिलाने के बहाने दूसरे राज्य ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरपीएफ टीम ने लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर संयुक्त निगरानी एवं छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित फुट ओवरब्रिज के समीप एक व्यक्ति नाबालिग बालिकाओं के समूह के साथ संदिग्ध अवस्था में मिला।

मौके पर मौजूद एक महिला को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नंदकुमार वी. (47 वर्ष), निवासी- कोयंबटूर, तमिलनाडु तथा बिनीता कुमारी (28 वर्ष), निवासी- विशुनपुर, जिला गुमला के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे बालिकाओं को अधिक वेतन का लालच देकर तमिलनाडु के एक वस्त्र उद्योग में काम दिलाने के उद्देश्य से ले जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि चारों नाबालिग बालिकाओं के पास आरक्षित रेल टिकट नहीं था और वे सामान्य टिकट पर यात्रा कर रही थीं। मामले को मानव तस्करी एवं अवैध श्रमिक परिवहन से जुड़ा गंभीर अपराध मानते हुए आरपीएफ ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

इस अभियान में उपनिरीक्षक सुदर्शन पिंग, सहायक उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, महिला प्रधान आरक्षी कल्पना कुमारी, आरक्षी शुभम कुमार, सहायक उपनिरीक्षक निर्मल कुमार तथा प्रधान आरक्षी रंजीत कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।