बोकारो। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर गुरुवार को मुस्कान हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के सभागार में जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय "जीवन में एक स्थायी शुरुआत के लिए स्तनपान: जो प्रभावी है, उसे मजबूत करें" रखा गया।
सेमिनार का शुभारंभ अस्पताल की वरिष्ठ प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. उषा सिंह ने किया। इस दौरान वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एससी मुंशी सहित चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
मुख्य वक्ता डॉ. हर्षिता ने कहा कि नवजात शिशु के शारीरिक, मानसिक विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मां का दूध सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जन्म के बाद छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराना चाहिए। इससे बच्चे को कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है।
सेमिनार में चिकित्सकों ने स्तनपान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने और माताओं को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी से स्तनपान जागरूकता अभियान को जन-आंदोलन बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में स्तनपान से जुड़े आंकड़ों पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि अंडमान एवं निकोबार में स्तनपान की दर 85.6 प्रतिशत के साथ सबसे बेहतर है, जबकि उत्तर प्रदेश 34 प्रतिशत के साथ सबसे निचले स्तर पर है।
कार्यक्रम के अंत में अस्पताल की उप चिकित्सा अधीक्षक श्रीमती वंदना सहाय ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। सेमिनार का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
