​रांची। छठी झारखंड विधानसभा का छह दिवसीय मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक गरमाहट देखने को मिली। एक तरफ जहां स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने लोकतंत्र की गरिमा, संवाद और जनहित की कसौटी पर खरा उतरने का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने राज्य में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

​सत्र की शुरुआत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने कहा कि जनता के विश्वास की कसौटी पर सदन के प्रत्येक शब्द, आचरण और निर्णय को परखा जाएगा। 6 अगस्त से 12 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर प्रस्तुत किया जाएगा।

​छह दिवसीय इस सत्र में कुल 5 कार्य दिवस प्रश्नकाल के लिए आरक्षित रखे गए हैं, ताकि सदस्य जनहित से जुड़े सवाल पूछ सकें। सत्र की परंपरा के अनुसार 12 अगस्त का दिन गैर-सरकारी सदस्यों के कार्य के लिए निर्धारित किया गया है। शोक संदेश पढ़े जाने के बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

​सत्र के दौरान स्पीकर ने पीआरएस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सदन को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में देश के 28 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं की औसत बैठक केवल 24 दिन रही, जबकि झारखंड विधानसभा ने कुल 30 दिनों तक सत्र का सफल संचालन किया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सभी सदस्यों के अनुशासन और सक्रिय सहभागिता को दिया।

​सभापति और कार्यमंत्रणा समिति का गठन

​मॉनसून सत्र के सुचारू संचालन के लिए स्पीकर ने सभापति तालिका की घोषणा की, जिसमें ​हेमलाल मुर्मू,​सीपी सिंह,​निरल पूर्ति,​रामचंद्र सिंह,​नीरा यादव

शामिल हैं​।इसके अलावा, स्पीकर रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति का गठन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बाबूलाल मरांडी, राधाकृष्ण किशोर, प्रदीप यादव, निरल पूर्ति और अरूप चटर्जी को सदस्य बनाया गया है।

​नौकरियों के सौदेबाजी का आरोप, सीबीआई जांच की मांग

​सत्र समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जेएसएससी सीजीएल,उत्पाद सिपाही भर्ती और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में भारी धांधली हुई है और नौकरियां बेची जा रही हैं।जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में युवा लगातार अनशन पर बैठे हैं। जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप हैं, उन्हें तत्काल रद्द किया जाए। जेएसएससी और जेएसएससी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी हो और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।

​विधायक ने दिखाई पदों की 'रेट लिस्ट', मास्क पहनकर पहुंचे विपक्ष के सदस्य

​विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए आजसू विधायक निर्मल महतो (तिवारी महतो) एक पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे, जिसमें जेपीएससी और जेएसएससी के विभिन्न पदों के लिए कथित 'रेट लिस्ट' लिखी हुई थी।

​सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा और आजसू के कई विधायक—जिनमें नवीन जायसवाल और बाबूलाल मरांडी शामिल थे—चेहरे पर मास्क पहनकर पहुंचे। विपक्ष ने इस 'मूक प्रदर्शन' के जरिए संदेश देने की कोशिश की कि सरकार जनता और युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।