​150 करोड़ से अधिक के घोटाले में सिपाही-कर्मचारियों तक सीमित जांच पर प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने उठाए सवाल
​पूर्व व वर्तमान SP और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की भूमिका पर घेरा, जांच का दायरा बढ़ाने की मांग


​रांची। झारखंड में सामने आए बहुचर्चित ट्रेजरी स्कैम (कोषागार घोटाला) को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ फिर से मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने राज्य सरकार पर मामले को दबाने और जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति करने का गंभीर आरोप लगाया है।

​भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने बयान जारी कर कहा कि हजारीबाग, बोकारो, रांची, देवघर, पलामू, गोड्डा, जमशेदपुर, रामगढ़ और चाईबासा समेत कई जिलों के कोषागारों में 150 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है। इसके बावजूद एसआईटी और सीआईडी केवल निचले स्तर के पुलिसकर्मियों और छोटे कर्मचारियों तक सीमित हैं। इतने बड़े पैमाने पर सरकारी धन की अवैध निकासी बिना उच्च अधिकारियों की संलिप्तता और निगरानी के संभव नहीं है।

अजय साह ने परीक्षा घोटाले का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह पूर्व में परीक्षा घोटाले में बड़ी मछलियों को क्लीन चिट देने का प्रयास हुआ था और युवाओं के आंदोलन के बाद जांच बढ़ानी पड़ी, ठीक वही खेल ट्रेजरी स्कैम में भी दोहराया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस कोषागार निकासी में डीडीओ के रूप में जिले के एसपी की भूमिका मुख्य होती है, लेकिन संबंधित जिलों के तत्कालीन या वर्तमान एसपी पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

प्रदेश प्रवक्ता ने राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को घेरते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में इतना बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर हुआ है, लेकिन वे जवाबदेही से बचने के लिए केंद्र सरकार पर झारखंड के वित्तीय संकट का ठीकरा फोड़ रहे हैं।

​भाजपा ने मांग की है कि जांच को केवल निचले कर्मचारियों तक सीमित न रखकर पूरे प्रशासनिक व वित्तीय तंत्र की जवाबदेही तय की जाए और संलिप्त उच्च अधिकारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।