रांची। रिंग रोड स्थित ट्यूलिप हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा एक्शन लेते हुए अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 10 सितंबर को अस्पताल कर्मियों द्वारा मरीज के परिजनों के साथ की गई मारपीट की घटना के बाद यह कार्रवाई की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के निर्देश पर गठित जांच कमेटी शनिवार को अस्पताल पहुंची। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और पक्षों की समीक्षा के बाद ट्यूलिप हॉस्पिटल को दोषी पाया गया। इसके बाद रांची सिविल सर्जन ने 'क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एवं रेगुलेशन) अधिनियम' और 'झारखंड क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स नियम' के तहत लाइसेंस निलंबन का आदेश जारी किया।
कार्रवाई के तहत विस्तृत जांच और अगले आदेश तक लाइसेंस निलंबित रहेगा।निलंबन अवधि में ओपीडी सेवाओं पर पूरी तरह रोक रहेगी।
नए मरीजों के भर्ती, इलाज और नई सर्जरी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया कि सरकार निजी अस्पतालों के खिलाफ नहीं है, लेकिन मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाने, दुर्व्यवहार करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
