रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में 23 मई को 70,62,319 अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची सभी मतदान केंद्रों पर प्रकाशित की गई थी| इसके बाद सघन अभियान चलाते हुए 29 जुलाई को इन्यूमरेशन फेज से पूर्व कुल 47,42,505 मतदाता अन-मैप्ड श्रेणी में रह गए। इन्यूमरेशन फेज के क्रम में मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2, वोलेंटियर्स के सहयोग से बीएलओ द्वारा अधिक से अधिक मतदाताओं को विगत एसआईआर से मैपिंग का कार्य किया गया। वर्तमान में 5.3% अर्थात कुल 14,02,262 मतदाता ही अन-मैप्ड श्रेणी में बचे हैं। के. रवि कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग में विगत एसआईआर के मतदाता सूची को सुपीरियर डॉक्यूमेंट के रूप में माना गया है। ड्राफ्ट पब्लिकेशन में जिन मतदाताओं की विगत एसआईआर के मतदाता सूची से मैपिंग सही पाई गई है एवं तार्किक विसंगति नहीं प्राप्त होती है, वैसे सभी मतदाताओं को ड्राफ्ट पब्लिकेशन के उपरांत अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा। अन-मैप्ड मतदाताओं के संबंध में ईआरओ स्तर से सत्यापन के उपरांत उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 5 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट पब्लिकेशन किया जाना है।