रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से सीआईडी ने मंगलवार को पूछताछ की। करीब 9 घंटे तक चली इस पूछताछ के दौरान उनसे मुख्य रूप से 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में जानकारी मांगी गई। इसके अलावा उनकी विदेश यात्राओं और इसके लिए हुई फंडिंग के संबंध में भी जानकारी मांगी गई है। मंगलवार रात करीब 8 बजे वे सीआईडी कार्यालय से निकले। मीडिया से कोई भी बात किए बगैर निकल गए। उन्हें बुधवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। मंगलवार को एल. खियांग्ते निर्धारित समय पर 11 बजे सीआईडी कार्यालय पहुंचे थे।

पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से रिमांड के दौरान मिली महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर एल खियांग्ते से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी मुख्य रूप से ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को टेंडर, ओएमआर शीट में हेराफेरी, रिजल्ट की प्रक्रिया, विदेश यात्राओं का विवरण सहित अन्य बिन्दुओं पर सवाल पूछ रही है। पूर्व में दागी और काली सूची में दर्ज रही एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड को परीक्षा संचालन का जिम्मा किस आधार पर और किन नियमों के तहत सौंपा गया, यह एक अहम सवाल है। डिजिटल टेंपरिंग, बैकडेट में सर्वर और ओएमआर शीट में फेरबदल और पूर्व अध्यक्ष की भूमिका और प्रशासनिक निगरानी, पीटी परीक्षा परिणाम जारी करने के दौरान आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर न होने और कट-ऑफ मार्क्स जारी न करने से जुड़े प्रशासनिक फैसले सहित अन्य सवालों के भी जवाब मांगे गये हैं।

रिमांड पर लिए गए आरोपियों से मिलीं अहम कड़ियां

सीआईडी इस मामले में अब तक जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी (अभय कुमार तिवारी) और तकनीकी प्रोग्रामरों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से पांच प्रमुख आरोपियों को रिमांड पर लेकर सीआईडी पिछले तीन दिनों से लगातार पूछताछ कर रही है, जिससे मिले इनपुट के बाद पूर्व अध्यक्ष को समन भेजा गया है। इससे पहले सीआईडी ने एल खियांग्ते के कांके रोड स्थित आवास, जेपीएससी मुख्यालय और एजेंसी के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, ओएमआर शीट और अन्य दस्तावेज जब्त किए थे।