​रांची/नई दिल्ली। देश में होने जा रही आगामी जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने प्रक्रिया और पूछे जाने वाले सवालों का विस्तृत ढांचा जारी कर दिया है। इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रही है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार लोगों से उनकी जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, लोगों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, रोजगार और पारिवारिक स्थिति का सटीक आकलन करने के लिए कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे।

​भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जनगणना की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है।

​लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना की प्रक्रिया 1 से 30 सितंबर के बीच पूरी की जाएगी।

​घर-घर जाकर गिनती शुरू होने से ठीक पहले, 17 से 31 अगस्त तक लोगों को ऑनलाइन स्वयं जानकारी दर्ज करने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का विकल्प मिलेगा।

​देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना का चरण अगले साल आयोजित किया जाएगा।

​पिछले वर्ष 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली 'कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स' ने जातिगत आंकड़े जुटाने का निर्णय लिया था। सूत्रों के अनुसार, सवालों की सूची में जातियों का कोई पूर्व-निर्धारित विकल्प नहीं होगा; नागरिक अपनी जो भी जाति बताएंगे, उसे उसी रूप में दर्ज किया जाएगा।

​जनसंख्या गणना के दौरान नागरिकों से आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट, मोबाइल नंबर, बैंक खातों की संख्या, ड्राइविंग लाइसेंस और कोविड-19 टीकाकरण के स्थान जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां (यदि उपलब्ध हों) मांगी जाएंगी।

​जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले प्रमुख 40 सवाल:

​व्यक्ति का नाम क्या है?

​परिवार के मुखिया से व्यक्ति का क्या संबंध है?

​व्यक्ति का लिंग क्या है?

​व्यक्ति की जन्मतिथि और आयु (पूर्ण वर्षों में) क्या है?

​व्यक्ति की वर्तमान वैवाहिक स्थिति क्या है?

​विवाह के समय व्यक्ति की आयु कितनी थी?

​पति/पत्नी का नाम क्या है?

​व्यक्ति द्वारा घोषित राष्ट्रीयता क्या है?

​व्यक्ति का धर्म क्या है?

​क्या व्यक्ति SC/ST से संबंधित है? उसकी जाति का नाम क्या है?

​पिता का विवरण क्या है?

​माता का विवरण क्या है?

​क्या व्यक्ति को किसी प्रकार की दिव्यांगता है?

​व्यक्ति की मातृभाषा क्या है और वह अन्य कौन-कौन सी भाषाएं जानता है?

​व्यक्ति की साक्षरता और डिजिटल साक्षरता की स्थिति क्या है?

​क्या व्यक्ति किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहा/रही है?

​व्यक्ति द्वारा प्राप्त उच्चतम शैक्षणिक योग्यता तथा उसकी स्ट्रीम/विषय क्या है?

​क्या व्यक्ति ने पिछले एक वर्ष के दौरान किसी समय काम किया है?

​व्यक्ति की आर्थिक गतिविधि की श्रेणी क्या है?

​व्यक्ति का व्यवसाय/पेशा क्या है?

​व्यक्ति किस प्रकार के उद्योग, व्यापार या सेवा से जुड़ा है?

​व्यक्ति किस श्रेणी का कामगार है?

​सीमांत, अर्ध-सीमांत और गैर-कामगार व्यक्ति किस प्रकार की गैर-आर्थिक गतिविधि में शामिल है?

​क्या सीमांत, अर्ध-सीमांत या गैर-कामगार व्यक्ति काम की तलाश कर रहा है या काम के लिए उपलब्ध है?

​व्यक्ति अपने कार्यस्थल तक किस साधन से जाता है?

​व्यक्ति का जन्म स्थान क्या है?

​व्यक्ति का पिछला निवास स्थान कौन-सा था?

​व्यक्ति के प्रवास का कारण क्या है?

​पिछले प्रवास के बाद से व्यक्ति इस गांव/शहर में कितने समय से रह रहा है?

​व्यक्ति का स्थायी आवासीय पता क्या है?

​वर्तमान में विवाहित/विधवा/तलाकशुदा महिला के वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या कितनी है?

​महिला द्वारा अब तक जीवित जन्म दिए गए बच्चों की कुल संख्या कितनी है?

​विवाहित महिला ने पिछले एक वर्ष के दौरान कितने जीवित बच्चों को जन्म दिया है?

​व्यक्ति ने कोविड-19 का टीका कहां लगवाया था?

​व्यक्ति के कुल कितने बैंक खाते हैं?

​व्यक्ति का मोबाइल नंबर क्या है? (यदि उपलब्ध हो)

​व्यक्ति का आधार नंबर क्या है? (यदि उपलब्ध हो)

​व्यक्ति का वोटर आईडी नंबर क्या है? (यदि उपलब्ध हो)

​भारतीय पासपोर्ट धारक होने की स्थिति में पासपोर्ट नंबर क्या है?

​क्या व्यक्ति के पास ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध है?

​ केंद्र सरकार ने जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8(1) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनगणना अधिकारियों को नागरिकों से 'हाउसहोल्ड शेड्यूल' के माध्यम से ये जानकारियां एकत्र करने का निर्देश दिया है।