रांची। राजधानी रांची के हटिया क्षेत्र में जिला प्रशासन, नगर निगम और एचईसी द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने मंगलवार को उग्र रूप ले लिया। सैटेलाइट चौक से राजद कार्यालय तक चले इस बुलडोजर एक्शन के विरोध में स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास के घरों को जमींदोज किए जाने से आक्रोशित लोगों ने सड़क पर उतरकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
सुबह 9 बजे सुंदर नगर बायपास रोड (डीपीएस स्कूल के समीप) शुरू हुए इस अभियान के दौरान जैसे ही एक दर्जन से अधिक कच्चे-पक्के मकानों को ध्वस्त किया गया, स्थिति बेकाबू हो गई। रोते-बिलखते लोग अपने सामान को बचाने में जुट गए। प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई से नाराज कुछ प्रदर्शनकारी जान जोखिम में डालकर सीधे जेसीबी मशीन पर चढ़ गए और तोड़फोड़ रोकने की मांग करने लगे। हंगामे के कारण सैटेलाइट चौक-बायपास मार्ग पर घंटों यातायात ठप्प रहा और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की सूचना मिलते ही हटिया विधायक नवीन जायसवाल और स्थानीय पार्षद नीलम गुप्ता मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का कड़ा विरोध किया।
नवीन जायसवाल ने कहा कि मुसलाधार बारिश के मौसम में इस तरह की अमानवीय कार्रवाई पूरी तरह गलत है। सरकार को पहले प्रभावित परिवारों को 'लाइट हाउस' या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर सम्मानजनक तरीके से बसाना चाहिए था, उसके बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए था।
नीलम गुप्ता ने कहा कि महिला पुलिस बल से तीखी नोकझोंक के बीच पार्षद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से रह रहे गरीब और असहाय लोगों को बेघर करके इस कीमती जमीन पर फाइव स्टार होटल बनाने की साजिश रची जा रही है।
जनप्रतिनिधियों और जनता के भारी विरोध के कारण प्रशासन को कुछ समय के लिए अभियान रोकना पड़ा। हालांकि, शाम 5 बजे पुलिस बल की मौजूदगी में दोबारा बुलडोजर गरजने लगे, जिसके बाद देर शाम तक इलाके में तनाव व्याप्त रहा और बेघर हुए लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए।
