बोकारो। दुर्गापूजा से ठीक पहले बोनस, वेज रिवीजन एरियर और 14 सूत्री मांग पत्र पर प्रबंधन की खामोशी के खिलाफ बोकारो इस्पात कामगार यूनियन (बीएसकेयू) ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को बोकारो स्टील प्लांट के प्रशासनिक भवन के समक्ष यूनियन द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद कॉमरेड स्वयंबर पासवान की अध्यक्षता में एक विरोध सभा का आयोजन हुआ।
सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री कॉमरेड रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि आगामी दुर्गापूजा सिर पर है, लेकिन सेल और बोकारो स्टील प्रबंधन बोनस भुगतान पर चुप्पी साधे बैठा है।
उन्होंने याद दिलाया कि गत 11 अगस्त को ही एटक की ओर से 14 सूत्री मांग पत्र सौंपकर स्थायी व ठेका मजदूरों के बोनस, बंद बहाली शुरू करने, अप्रेंटिस पास युवाओं को नियोजन देने, 39 माह का बकाया एरियर देने और ठेका मजदूरों का न्यूनतम वेतन ₹26,000 करने की मांग की गई थी। लेकिन मजदूर विरोधी प्रबंधन उदासीन बना हुआ है।
महामंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्लांट में उत्पादन, उत्पादकता, गुणवत्ता और मुनाफा पहले से काफी बढ़ा है, जबकि मैनपावर कम होने से लागत में भी गिरावट आई है। ऐसे में मजदूरों का हक रोका नहीं जा सकता।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ₹55,000 बोनस व अनुग्रह राशि का भुगतान पूजा से पहले हो।सभी ठेका कामगारों को ₹16,000 बोनस दिया जाए।39 महीने के वेज रिवीजन एरियर का तत्काल भुगतान हो।अप्रेंटिस पास युवाओं को स्थायी नौकरी दी जाए।
यूनियन ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 सितंबर तक बोनस और अन्य 14 सूत्री मांगों पर यूनियनों के साथ वार्ता कर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यूनियन जनतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। महामंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा कि अब याचना नहीं अब रण होगा, जीवन जय या मरण होगा।
इस विरोध सभा को कॉमरेड अब्दुल्ला, कॉमरेड राजू, कॉमरेड अमित, कॉमरेड इब्राहिम, कॉमरेड रूपेश और कॉमरेड संजय ने भी संबोधित किया और आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया।
