रांची: झारखंड के मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष गंगवार से राजभवन में मुलाकात कर नीलाम्बर-पिताम्बर विश्वविद्यालय, पलामू के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। मंत्री ने इस संबंध में राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि कुलपति पद पर बने रहते हुए डॉ. सिंह वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार से जुड़े साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।
राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि विश्वविद्यालय में व्याप्त वित्तीय भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच को लेकर उन्होंने पूर्व में भी राज्यपाल को दो पत्र लिखे थे। इसके बाद वित्त विभाग के ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों रुपये के गबन और दुर्विनियोग का मामला उजागर हुआ है।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा संचालन के नाम पर लगभग 2.50 करोड़ का अनियमित भुगतान किया गया। वर्तमान कुलपति द्वारा नियमों को ताक पर रखकर नियुक्तियां करने और बार-बार अवधि विस्तार देने का विस्तृत उल्लेख ऑडिट रिपोर्ट में है।अक्टूबर 2025 में आयोजित तृतीय दीक्षांत समारोह के लिए 79.35 लाख का प्रस्तावित बजट राज्यपाल सचिवालय की स्वीकृति के बिना ही खर्च कर दिया गया।
वर्ष 2021-22 में डिजिटल बोर्ड की खरीदारी के लिए प्राप्त 80 लाख के आवंटन में वित्तीय नियमों का उल्लंघन हुआ।
मंत्री के अनुसार राजभवन द्वारा कुलपति के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाए जाने के मात्र 5 घंटे के भीतर ही उन्होंने नियमों के विपरीत जाकर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार का तबादला कर दिया और दूसरे व्यक्ति को पद पर नियुक्त कर दिया।
मंत्री ने आशंका जताई है कि डॉ. दिनेश कुमार सिंह पद का दुरुपयोग कर जांच से जुड़े सबूतों को मिटा सकते हैं। अतः निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए उन्हें अविलंब कुलपति के पद से मुक्त किया जाना जरूरी है।
