बोकारो। झारखण्ड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बोकारो स्थित मोहन कुमार मंगलमय स्टेडियम में आयोजित दूसरी एनटीपीसी नेशनल रैंकिंग तीरंदाजी टूर्नामेंट का उद्घाटन किया।इस अवसर पर देश भर से आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि झारखण्ड को ‘लैंडऑफआर्चरी’ के रूप में भी जाना जाता है और यहाँ की प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि तीरंदाजी केवल धनुष-बाण चलाने का खेल नहीं, बल्कि एकाग्रता, धैर्य, अनुशासन और संतुलन का प्रतीक है। जीवन में भी स्पष्ट लक्ष्य, एकाग्र मन और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं।
भारत में भगवान श्रीराम, अर्जुन और एकलव्य के समय से धनुर्विद्या साधना और समर्पण का प्रतीक रही है। आधुनिक तीरंदाजी ने अब वैज्ञानिक प्रशिक्षण और नई तकनीक के माध्यम से इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दी है।
झारखण्ड के ग्रामीण व जनजातीय क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सही समय पर पहचानकर उन्हें आधुनिक उपकरण, योग्य प्रशिक्षक और अवसर प्रदान करने की जरूरत है, ताकि संसाधनों के अभाव में कोई पीछे न छूटे।
राज्यपाल ने कहा कि 'खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों से छोटे शहरों और गाँवों के खिलाड़ियों को नया मंच मिला है। यह राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट भी खिलाड़ियों को अपनी तकनीक परखने का बेहतर अवसर देगा।
जीत से ज्यादा महत्वपूर्ण अपने पिछले प्रदर्शन में निरंतर सुधार करना है। खिलाड़ी अपने लक्ष्य ऊंचे रखें और अनुशासन को अपनी ताकत बनाएं।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने झारखण्ड तीरंदाजी संघ, बोकारो जिला तीरंदाजी संघ, एनटीपीसी और आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई व शुभकामनाएँ दीं।
