रांची। केंद्र सरकार ने राज्य में आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इसके लिए विशेष प्रयास को गति देने की अपेक्षा की है। साथ ही, सभी चौबीसों जिलों में आभा निर्माण पर जोर देने को कहा है। मंगलवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील बर्णवाल ने एनएचएम सभागार में झारखंड में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य, मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना एवं आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आयुष्मान, अबुआ स्वास्थ्य एवं वय वंदना कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। पात्र लाभुकों की पहचान कर कार्ड निर्माण में तेजी लाने को कहा। 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को चिन्हित कर वय वंदना कार्ड उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। सुनील बर्णवाल ने आशा कार्यकर्ता, सहिया, सेविका एवं सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड निर्माण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आयुष्मान योजना एवं डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए निर्धारित सभी लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। बैठक के क्रम में एचईएम 2.0 के तहत सभी पात्र निजी अस्पतालों का शीघ्र स्थानांतरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी संचालन हो सके। आभा निर्माण की जिला-वार स्थिति की समीक्षा करते हुए इसकी गति बढ़ाने पर जोर दिया गया। सरकारी एवं निजी क्षेत्र के सभी स्वास्थ्यकर्मियों और स्वास्थ्य संस्थानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने पर बात हुई।
सभी दवा दुकानों को भी स्वास्थ्य संस्थान पंजीकरण से जोड़ने के लिए राज्य फार्मेसी परिषद, औषधि निरीक्षक एवं औषधि निदेशालय के समन्वय से कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक डॉ. पंकज अरोड़ा, झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह, डॉ. शैलेश यादव, एनएचएम के प्रबंध निदेशक डॉ. शशि प्रकाश झा, राज्य मिशन निदेशक डिजिटल स्वास्थ्य मिशन दिनेश यादव सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन, जिला नोडल पदाधिकारी, परियोजना समन्वयक एवं राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई के अधिकारी उपस्थित थे।
