रांची। जयपाल सिंह स्टेडियम में पिछले 25 दिनों से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के एक गुट का रुख अब भी कड़ा है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा सिविल सेवा और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले का स्वागत तो किया है, लेकिन केवल न्यायिक जांच की घोषणा से छात्र असंतुष्ट हैं। मंच ने सरकार से कैबिनेट के फैसले को लिखित रूप में जारी करने और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई है। छात्रों का कहना है कि यदि न्यायिक जांच ही करानी है, तो यह रिटायर्ड जज के बजाय हाईकोर्ट के 3 सीटिंग जजों की समिति से कराई जाए।

आंदोलनकारी छात्रों ने 20 अगस्त को प्रस्तावित सीएम आवास घेराव के कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया है। हालांकि, पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे चार छात्र- रुपेश कुमार, सविता कुमारी, हबीबा और राहुल क्रांति का अनशन जारी रहेगा।

दूसरी ओर, जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के देवेंद्र नाथ महतो ने एक प्रेस वार्ता में सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द किए जाने को छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि अब मुख्य लड़ाई एक नई और पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू कराने की है। इससे पूर्व, प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर 15 अगस्त को देवेंद्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण से रोके जाने के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।