रांची। सीआईडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम को लेकर ने जांच तेज कर दी है। सीआईडी ने इस परीक्षा में सफल घोषित 2204 अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि अपनी ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी और अन्य संबंधित साक्ष्य जमा करें। इसके लिए विशेष व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी जारी किये गये हैं, ताकि अभ्यर्थी सीधे जांच एजेंसी को दस्तावेज उपलब्ध करा सकें। बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थी अपने दस्तावेज और ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी भेज रहे हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जो अभ्यर्थी 5 अगस्त तक आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सम्भव है।

जांच एजेंसी ने सफल अभ्यर्थियों से कहा है कि वे प्रारंभिक परीक्षा के पेपर-1 और पेपर-2 की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी निर्धारित समय तक दें। साथ ही अन्य उपलब्ध दस्तावेज भी भेजें। सीआईडी का उद्देश्य परीक्षा परिणाम और अभ्यर्थियों के पास उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान कर संभावित अनियमितताओं की पुष्टि करना है।

पूर्व अध्यक्ष खियांग्ते से आज फिर पूछताछ

परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से पूछताछ का सिलसिला जारी है। सीआईडी ने उन्हें सोमवार को फिर से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि इस बार उनसे अब तक जांच में मिले दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों के बयानों के आधार पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार सीआईडी को रिमांड के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन्हीं खुलासों के आधार पर जांच एजेंसी अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। रिमांड के दौरान पूछताछ में मिले तथ्यों को लेकर पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से जवाब मांगा जाएगा। जांच को आगे बढ़ाने के लिए सीआईडी एक बार फिर कुछ प्रमुख आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।

इनमें तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक राजबीर सिंह, टीडीपीएल के मैनेजर सह डीएसओ मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी जैसे नाम शामिल हैं। इनसे दोबारा पूछताछ कर पहले दर्ज बयानों का मिलान नए साक्ष्यों से किया जाएगा।