रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं को रद्द किये जाने को लेकर छात्रों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी इस आंदोलन का यह आठवां दिन था। शनिवार को आंदोलन की उल्लेखनीय बात यह रही कि छात्रों ने आंदोलन को किसी भी तरह का राजनीतिक अभियान बनाने से परहेज किये जाने की बात की। साथ ही पहले से तय धरना स्थल से हट कर स्टेडियम के दूसरे गेट के पास एक अलग स्थान चुन लिया। मौके पर झारखंड उलगुलान मोर्चा के रवि कुमार यादव ने कहा कि आंदोलन केवल छात्रों का है। इसकी अगुवाई भी अभ्यर्थी ही करेंगे। किसी भी राजनीतिक दल के नेतृत्व या हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि, नैतिक समर्थन का स्वागत किया जाएगा। आंदोलन अब लंबा चलाये जाने की तैयारी है।
नहीं मिली टेंट लगाने की अनुमति
मौके पर राजेश प्रजापति ने कहा कि नये धरना स्थल पर प्रशासन की ओर से टेंट लगाने की औपचारिक अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद फिलहाल प्लास्टिक टांग कर जैसे भी हो, आंदोलन को चलाया जायेगा। पुराने धरनास्थल पर जेएलकेएम जैसे दल के नेता अपनी राजनीति कर रहे थे। उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और योग्य उम्मीदवारों के अधिकार के लिए है। उन्होंने कहा कि जबतक सरकार 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द नहीं करती है तबतक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम अपनी मांगों पर अडिग हैं।
कुणाल प्रताप संदिग्ध व्यक्ति
जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के संयोजक रामवतार महतो ने कहा कि उनका मंच जेएलकेएम के लिए नहीं है। पर यह है कि इसके नेता देवेंद्र नाथ ने छात्र आंदोलन को शुरू करने में मदद की थी। उन्होंने धनबाद निवासी कुणाल प्रताप सिंह की शिकायत करते हुए कहा कि वह आंदोलन के नाम पर पैसे कमाने और छात्रों की एकता को तोड़ने में माहिर रहे हैं। उनके खिलाफ कोतवाली थाना में उन्होंने एफआईआर भी करा दी है।
अपने खर्च पर आंदोलन
स्टेडियम में जारी आंदोलन के बीच छात्रों ने कहा कि वे सब अपने खर्च पर आंदोलन चला रहे हैं। भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए आपस में सहयोग राशि जुटायी जा रही है। कुछ समर्थक ऑनलाइन माध्यम से भी सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। प्रशासन द्वारा धरना स्थल पर खाना बनाने की अनुमति नहीं मिलने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
