रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद से उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। परीक्षा रद्द करने और धांधली की जांच की मांग को लेकर रांची में अभ्यर्थियों का सत्याग्रह आंदोलन रविवार को 9वें दिन भी जारी रहा।
आंदोलन को धार देते हुए राँची लोकसभा प्रत्याशी रहे जेएलकेएम के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का बड़ा ऐलान कर दिया है।उन्होंने अपनी प्रमुख मांगों में 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को तुरंत रद्द करने,विवादित एजेंसी द्वारा आयोजित जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और अन्य सभी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने और परीक्षा प्रक्रिया में धांधली के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की है।
भूख हड़ताल की घोषणा करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी हुए लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन राज्य सरकार ने छात्रों के हित में अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभ्यर्थियों में निराशा और आक्रोश चरम पर है। यदि समय रहते न्यायोचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन राज्यव्यापी और उग्र रूप धारण करेगा।
धरना स्थल पर डटे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। उनका एकमात्र उद्देश्य राज्य में पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। छात्रों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक सत्याग्रह और भूख हड़ताल जारी रहेगी।
