​रांची। झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के बीच राजधानी रांची में राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। सोमवार को छात्रों के पूर्व निर्धारित विधानसभा घेराव कार्यक्रम के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सीधे मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर दिया।

​सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ सीएम आवास पहुंचे भाजपा नेताओं ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के तुरंत इस्तीफे की मांग उठाई। इस अचानक हुए प्रदर्शन से प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित कई भाजपा विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए सभी लोगों को बस के जरिए रांची के खेलगांव ले जाकर डिटेन किया गया।

भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी और डिटेन किए जाने का सीधा असर झारखंड विधानसभा की कार्यवाही पर भी देखने को मिला। पार्टी के लगभग सभी विधायकों के हिरासत में होने की वजह से भाजपा का कोई भी विधायक विधानसभा सत्र में हिस्सा नहीं ले सका, जिससे सदन में विपक्ष की भूमिका पूरी तरह खाली रही।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार युवाओं और छात्रों के मुद्दों का समाधान करने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलता और मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।