​रांची: ​मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के लिए एक बड़े जनभागीदारी अभियान "छात्रों की बात - छात्रों के साथ" की शुरुआत की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से झारखंड के युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना और युवाओं के सपनों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

​मुख्यमंत्री ने युवाओं से सीधे संवाद का आह्वान करते हुए उनसे परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी प्रक्रिया, और लीक-मुक्त परीक्षाओं के लिए आधिकारिक पोर्टल samvad.jharkhand.gov.in पर अपने सुझाव साझा करने की अपील की है।

​युवाओं के सपने हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी

सोशल मीडिया संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड के लाखों युवाओं के सपने हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी हैं। जब कोई छात्र वर्षों तक मेहनत करता है, तो उसके साथ पूरे परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।" उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को अपेक्षित मजबूती नहीं मिल सकी थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने समस्याओं को स्वीकार कर सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

​जेपीएससी नियमावली और सख्त कानून का उल्लेख

सीएम सोरेन ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार उनकी सरकार ने जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नई नियमावली तैयार की। इसके साथ ही, प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर नकेल कसने के लिए सख्त कानूनी व्यवस्था लागू की गई। उन्होंने कहा कि आलोचनाओं के बावजूद सरकार का विश्वास हमेशा ईमानदार विद्यार्थियों के हित में रहा है।

​समस्या नहीं, समाधान का रास्ता दिखाएगा झारखंड

देशभर में परीक्षा प्रणालियों के सामने आ रही चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड केवल समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय समाधान की नई मिसाल कायम करेगा। 'झारखंडी फर्स्ट' की भावना के साथ स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा झारखंड एक नए दौर में है, जिसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

छात्र-छात्राओं से इन विषयों पर खुलकर सुझाव मांगे गए हैं-

परीक्षा प्रणाली में क्या-क्या कमी दिखाई देती है, हमें बताइए।

यदि आपके पास कोई बेहतर व्यवस्था का सुझाव है, उसे साझा कीजिए।

यदि आपने किसी समस्या का सामना किया है, उसका अनुभव लिखिए।

यदि आपके पास कोई नया समाधान है, उसे हमारे साथ साझा कीजिए।

​मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि युवाओं द्वारा प्राप्त प्रत्येक सुझाव का विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया जाएगा और उन्हें नियमों व संवैधानिक प्रावधानों के तहत तय समय सीमा में लागू किया जाएगा।