रांची। नगरीय प्रशासन निदेशालय की निदेशक नैंसी सहाय ने राज्य के सभी शहरी नगर निकायों के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), एनिमल बर्थ कंट्रोल, पीएम स्वनिधि और मुख्यमंत्री श्रमिक योजना की प्रगति का व्यापक जायजा लिया गया। समीक्षा के दौरान निदेशक ने सभी नगर निकायों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी - बीएलसी घटक) के तहत फाउंडेशन और लिंटेल स्तर पर अटके लगभग 14,000 आवासों को अगले एक महीने में छत लेवल तक लाने और जो आवास छत लेवल पर हैं, उन्हें सितंबर माह तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया।
लटकी हुई जियो-टैगिंग प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने और इसके लिए साप्ताहिक लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए गए। निकायों के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध है, इसलिए लाभुकों को किश्तों का भुगतान तुरंत किया जाए।निकाय एसएनए स्पर्श के माध्यम से आवंटित राशि का 80% खर्च कर अतिरिक्त फंड की मांग करें। जिन निकायों ने अब तक भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं की है, उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पीएमएवाई-यू2.0 के तहत इस वर्ष 1 लाख नए आवास स्वीकृत करने का लक्ष्य है। अब तक 73,000 लाभुकों के सर्वेक्षण में से 44,000 का सत्यापन हो चुका है। शेष पात्र आवासविहीन परिवारों से आवेदन प्राप्त करने के लिए निरंतर कैंप व प्रचार अभियान चलाने के निर्देश मिले।
आवारा कुत्तों की मानवीय नसबंदी और प्रबंधन के लिए राज्य के 10 नगर निगमों में ₹21.06 करोड़ की लागत से एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर स्वीकृत किए गए हैं। इनका निर्माण कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पीएम स्वनिधि के तहत अगले 15 दिनों में विशेष अभियान चलाकर स्ट्रीट वेंडर्स को प्रथम किश्त का हस्तांतरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत शहरी निकायों में विशेष कैंप लगाकर पंजीकृत श्रमिकों को जॉब कार्ड बांटने और उन्हें अधिकतम रोजगार उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
बैठक में निदेशक नैंसी सहाय के साथ सहायक निदेशक शीतल कुमारी, अभिलाषा कुमारी,अंशु कुमारी सहित निदेशालय के सभी कोषांगों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
