रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू हो रहा है, जिसके हंगामेदार रहने की संभावना है। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा नियोजन नीति के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। युवाओं और रोजगार से जुड़े इन संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष के तेवर आक्रामक रहने के संकेत हैं। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष भी जवाबी रणनीति तैयार कर चुका है।
सत्ता पक्ष विपक्ष के हर आरोप का करारा जवाब देने के मूड में है। खासकर जेपीएससी के मुद्दे पर सरकार नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को हथियार बनाकर भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार कर सकती है। ऐसे में पूरे सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच जोरदार राजनीतिक रस्साकशी देखने को मिल सकती है।
सदन के सुचारू संचालन के लिए सर्वदलीय बैठक
सत्र को सफल, सुचारू और गरिमापूर्ण तरीके से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में उनके कक्ष में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सत्र के संचालन, लोकतांत्रिक परंपराओं के पालन और संसदीय मर्यादाओं को बनाए रखने पर विचार-विमर्श हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सदन की कार्यवाही को बिना किसी बाधा के चलाने और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए सकारात्मक सहयोग देने का आग्रह किया।
इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, अरूप चटर्जी, जयराम कुमार महतो, निर्मल महतो समेत कई अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
7 दिन का सत्र, केवल 5 कार्यदिवस
6 से 12 अगस्त तक प्रस्तावित इस संक्षिप्त सत्र में कुल 7 दिन निर्धारित हैं, लेकिन शनिवार और रविवार के अवकाश के कारण केवल 5 कार्यदिवस ही उपलब्ध होंगे:
6 अगस्त: नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण, अध्यादेश (यदि कोई हो) और शोक प्रकाश।
7 अगस्त: प्रश्नकाल तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश होगा।
8 एवं 9 अगस्त: साप्ताहिक अवकाश।
10 अगस्त: प्रश्नकाल के बाद अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान।
11 अगस्त: प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक और अन्य सरकारी कार्य।
12 अगस्त: प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक, अन्य सरकारी कार्य और गैर-सरकारी संकल्प पर चर्चा।
