जमशेदपुर। चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को टैग कर ट्वीट किया और चीनी-प्याज के बाजार में कार्टेल, जमाखोरी व कृत्रिम कमी पर अंकुश लगाने की मांग की। सरयू राय ने कहा कि मिल स्तर पर चीनी की कीमतों में तेजी का असर जल्द ही झारखंड के थोक और खुदरा बाजार पर पड़ सकता है। इसलिए सरकार को अभी से स्टॉक और आपूर्ति की निगरानी शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि करीब एक से डेढ़ माह में गन्ने की नई फसल आने वाली है, ऐसे में चीनी के दाम में अचानक बढ़ोतरी का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने 22 अगस्त के मिल रेट का हवाला देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में चीनी करीब ₹58.20 से ₹62 प्रति किलो और महाराष्ट्र में ₹66.75 से ₹68 प्रति किलो तक पहुंच गई है। उन्होंने सरकार से मिलों, थोक विक्रेताओं और बड़े स्टॉकिस्टों के स्टॉक की जांच कर जमाखोरी मिलने पर कार्रवाई करने की मांग की।
प्याज की बढ़ती कीमतों पर भी सरयू राय ने चिंता जताई। उन्होंने महाराष्ट्र की मंडियों में बढ़ते दाम और जमाखोरी की आशंका के बीच नाफेड की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने झारखंड के जमशेदपुर, रांची और धनबाद जैसे प्रमुख बाजारों में चीनी-प्याज के स्टॉक और थोक कीमतों की नियमित निगरानी की मांग की।
सरयू राय ने कहा कि महंगाई का असर घरेलू बजट के साथ होटल-रेस्तरां, मिठाई और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कारोबार पर भी पड़ता है। सरकार को कार्टेल, कृत्रिम कमी और जमाखोरी पर एक साथ कार्रवाई कर पुरानी दर पर चीनी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी चाहिए।
