​देवघर। सावन की अंतिम और चौथी सोमवारी को लेकर देवघर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।अन्य तीन सोमवारियों की तरह इस बार भी बाबा बैद्यनाथ मंदिर में कांवरियों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

​सुल्तानगंज से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार को दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उत्तरवाहिनी गंगा तट से जल उठाया है। ये सभी कांवरिये अंतिम सोमवारी को बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करेंगे।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी होल्डिंग प्वाइंट्स पर व्यवस्था मजबूत की गई है। श्रद्धालुओं को होल्डिंग प्वाइंट पर रोककर मंदिर परिसर में जगह की उपलब्धता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से छोड़ा जाएगा, ताकि अफरा-तफरी या भगदड़ जैसी स्थिति न बने।

​सुगम और सुरक्षित जलार्पण के लिए मुख्य मंदिर में आंतरिक अरघा के साथ-साथ बाह्य अरघा भी स्थापित किया गया है। इसके अलावा माता पार्वती मंदिर में भी जलार्पण के लिए अरघा लगाया गया है।

​मेले के दौरान फिलहाल बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद रखी गई है। सावन समाप्त होने के बाद पूर्णिमा के दिन अरघा हटाए जाने पर पुनः स्पर्श पूजा शुरू होने की संभावना है।

​मामले की जानकारी देते हुए डीसी सौरभ कुमार भुवानिया ने बताया कि अंतिम सोमवारी के मद्देनजर सभी प्रशासनिक तैयारियां पूर्ण हैं। ऑन-ड्यूटी अधिकारियों और पुलिस बल को निर्देश दिया गया है कि वे कांवरियों की कतार को रोकने के बजाय निरंतर धीमी गति से आगे बढ़ाते रहें, जिससे श्रद्धालुओं को जलार्पण में कम से कम समय लगे।