रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने झारखंड में चल रहे छात्रों के आंदोलन और उस पर हो रही राजनीति को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मिथिलेश ठाकुर और अनंत प्रताप देव ने स्पष्ट किया कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार युवाओं और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

झामुमो नेता ने कहा कि राज्य में लगभग 26 दिनों तक चले छात्र आंदोलन पर सरकार शुरू से ही संवेदनशील रही है। मुख्यमंत्री और पूरी सरकार, इंडिया एलायंस के सहयोगी दल तथा झामुमो के तमाम छात्र, युवा, महिला एवं व्यावसायिक मोर्चा जैसे संगठन नैतिक रूप से छात्रों के साथ खड़े रहे हैं, क्योंकि छात्रों की मांग जायज थी।

झामुमो प्रवक्ता के अनुसार आंदोलन तेज होने से पहले ही राज्य सरकार ने सीआईडी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। सीआईडी तेजी से कार्रवाई करते हुए दोषियों तक पहुंच रही है और अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने जेपीएससी एवं अन्य परीक्षाओं को रद्द करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, ताकि राज्य के युवाओं को उनका वास्तविक हक और अधिकार मिल सके। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि अगर भ्रष्टाचार या गड़बड़ी की सुई उनके दरवाजे तक भी जाती है, तो सीआईडी के लिए 24 घंटे मुख्यमंत्री आवास का दरवाजा खुला है। राज्य सरकार 2014 से लेकर अब तक की सभी अनियमितताओं की तह तक जाने के लिए तैयार है।

झामुमो ने आरोप लगाया कि बीजेपी राज्य में अपना जनाधार खो चुकी है और अब वह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर राजनीतिक रोटी सेकने में लगी है। झामुमो ने कहा कि बीजेपी समर्थित लोग और कुछ कोचिंग संचालक छात्र आंदोलन की आड़ में ब्लैकमेलिंग और चंदाखोरी कर रहे हैं।बिहार,बंगाल और उत्तर प्रदेश से असामाजिक तत्वों और गुंडों को बुलाकर छात्रों को भड़काने और उपद्रव फैलाने की साजिश रची गई।

आंदोलन समाप्त होने के बावजूद बीजेपी के एजेंट छात्रों को फिर से उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। उच्च न्यायालय के फैसले पर बोलते हुए श्री ठाकुर ने स्पष्ट किया कि अदालत ने कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है, बल्कि केवल स्थगन आदेश दिया है।

सरकार को 15 दिनों के भीतर अपना हलफनामा दायर करने का समय मिला है, जिसे सरकार पूरी मजबूती के साथ दाखिल करेगी। इसके अलावा, सफल अभ्यर्थियों से अंडरटेकिंग ली जाएगी कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है,तो उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और उनके लाभ वापस लिए जाएंगे। झामुमो ने गिरिडीह, गढ़वा और रांची में हुई हिंसक झड़पों या पुतला दहन विवाद में पार्टी का हाथ होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस तरह की ओछी राजनीति नहीं करता। पुतला दहन में शामिल लोग वास्तविक प्रतियोगी छात्र नहीं, बल्कि बीजेपी के कार्यकर्ता और उकसाए गए लोग थे। कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई होगी।

झामुमो ने राज्य के सभी छात्रों, नौजवानों और बेरोजगार युवाओं से अपील की कि वे अफवाहों और राजनीतिक बहकावे में न आएं। सरकार और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखें; किसी भी योग्य छात्र का हक या अधिकार नहीं छीना जाएगा।