रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गिरिडीह के झंडा मैदान में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन का कड़ा विरोध करते हुए इसे रोक दिया था, जिसके बाद भाजपा ने हर हाल में यह प्रदर्शन करने की चुनौती दी थी। इसके अलावा, छात्रों ने भी मधुबन बेजिस रोड और मुफ्फसिल थाना के बाहर पुतला दहन कर अपना विरोध जताया।

राजधानी रांची में जेपीएससी जेएसएससी रिफॉर्म मंच के तहत आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली थाना में मंच के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुणाल प्रताप, पीयूष, रविंद्र पासवान और चंडी तिवारी सहित 14 प्रमुख छात्र नेताओं को नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस के साथ उलझने का आरोप है। हालांकि, छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे पुलिसिया कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र करेंगे।

हजारीबाग में युवाओं ने सरकार के रवैये के खिलाफ मौन जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार लाठीचार्ज और करीब 200 नामजद व 500 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर तानाशाही रवैया अपना रही है।

दूसरी ओर, झामुमो प्रवक्ता मिथिलेश ठाकुर ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि एफआईआर पूरी तरह उचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भाजपा के उकसावे और विधायक-सांसद बनने के आश्वासन पर गुंडई कर रहे थे। उन्होंने यह भी साफ किया कि झामुमो ने अपने कार्यकर्ताओं को किसी पर लाठी चलाने या पुतला दहन रोकने का निर्देश नहीं दिया था।