रांची। राजधानी रांची जिले के मांडर स्थित मेला मैदान में ऐतिहासिक दो दिवसीय 'मुड़मा जतरा' की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस भव्य जतरा का शुभारंभ 27 अक्तूबर (मंगलवार) को दोपहर बाद पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान के साथ होगा।
सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा की अगुवाई में 40 पड़हा के पाहन, पुजारी और धार्मिक अगुवा जतरा स्थल पर स्थित शक्ति खूंटा की विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। पूजा के पश्चात मेले का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। जतरा समिति (मुड़मा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात कर उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया।
आदिवासी समाज के लिए मुड़मा जतरा केवल एक मेला नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुपम प्रतीक है। अलग-अलग पड़हा समाज के लोगों की भागीदारी इसे बेहद खास बनाती है।
आयोजकों के अनुसार जतरा मैदान में लोगों के मनोरंजन और खरीदारी के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस ऐतिहासिक मेले का आकर्षण इतना खास है कि झारखंड के कोने-कोने के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं व पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
