रामगढ़। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा खेती को सुगम, कम खर्चीला और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को भूमि संरक्षण कार्यालय परिसर, कैथा, रामगढ़ में कृषि यांत्रिकीकरण वितरण मेला का आयोजन किया गया। इस मेले के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को भारी अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र और उपकरण वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना तहत के 2 लाभुकों को 50% अनुदान पर ट्रैक्टर दिए गए।एसएमएएम योजना के 8 लाभुकों को 80% अनुदान पर बड़े ट्रैक्टर तथा 3 लाभुकों को 80% अनुदान पर मिनी ट्रैक्टर प्रदान किए गए।

पंपसेट वितरण योजना के तहत 1.5 एचपी से 5 एचपी तक के पंपसेट एवं सोलर पंपसेट कुल 40 लाभुकों को 90% अनुदानउपलब्ध कराए गए।

इसके अतिरिक्त व्यक्तिगत कृषि यंत्र योजना के तहत तीन लाभुकों को 80 प्रतिशत अनुदान पर विभिन्न कृषि यंत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामगढ़ विधायक ममता देवी ने कहा कि कृषि यांत्रिकीकरण किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार द्वारा किसानों को अनुदान पर ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे खेती में लगने वाला समय और श्रम कम होगा।उन्होंने किसानों से सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाने तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने की अपील की।

बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए कृषि कार्यों में आधुनिक मशीनों का उपयोग आवश्यक है। ट्रैक्टर, पंपसेट एवं अन्य कृषि यंत्रों की उपलब्धता से किसानों को खेती के विभिन्न कार्यों में सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना आवश्यक हैl ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

मांडू विधायक निर्मल महतो ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में बेहद जरूरी है। कृषि यांत्रिकीकरण से खेती की उत्पादकता बढ़ेगी तथा किसानों को कम समय और कम श्रम में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने की अपील की।

उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि यांत्रिकीकरण किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को 50 से 90 प्रतिशत तक अनुदान पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर किसान भी आधुनिक कृषि संसाधनों का उपयोग कर सकें।

उन्होंने कहा कि कृषि उपकरणों के उपयोग से किसानों की लागत एवं श्रम में कमी आएगी तथा समय पर कृषि कार्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पात्र किसानों तक पहुंचाया जाए। साथ ही उन्होंने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।