खूंटी। जिले में अफीम की अवैध खेती को जड़ से समाप्त करने के लिए मुरहू थाना पुलिस ने दोहरी रणनीति अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस एक ओर ड्रोन कैमरों के जरिए सुदूर जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों पर पैनी नजर रख रही है, वहीं दूसरी ओर खेती के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री के विक्रेताओं पर शिकंजा कस दिया है।
मुरहू थाना प्रभारी नायाल गोडविन केरकेट्टा ने शनिवार को हेठगोवा पंचायत के सिरका, पसराबेड़ा, चिचीगढ़ा, रूईटोला और खटंगा समेत कई गांवों के जंगली व पहाड़ी इलाकों का ड्रोन से विस्तृत निरीक्षण किया।
थाना प्रभारी ने बताया कि ड्रोन तकनीक की मदद से अवैध अफीम की फसलों को चिह्नित किया जा रहा है। विशेष रूप से उन भू-भागों की सख्त निगरानी की जा रही है, जहाँ बीते वर्षों में अफीम उगाई गई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अफीम की खेती में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
सिंचाई और कृषि सामग्री की आपूर्ति रोकने के लिए पुलिस ने खाद-बीज, मोटर पंप, पानी पाइप और अफीम खेती से जुड़े उपकरण बेचने वाले दुकानदारों को औपचारिक नोटिस जारी किया है।
खाद, बीज, मोटर पंप और पाइप खरीदने वाले हर ग्राहक का पूरा नाम, पता, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य है।
दुकानदारों को अपनी प्रतिदिन की बिक्री का पूरा ब्योरा मुरहू थाना को सौंपना होगा।किसी भी संदिग्ध खरीदारी या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस से साझा करनी होगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विक्रेता द्वारा निर्देशों का उल्लंघन किया गया या जांच में किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 18 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जंगलों में ड्रोन की गश्त और बाजार में विक्रेताओं पर निगरानी की इस दोहरी रणनीति से अफीम माफियाओं और इसमें संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
