​रांची। झारखंड में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और काले कारोबार पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए उत्पाद विभाग अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। दुर्गम और दूरस्थ इलाकों में चल रहे अवैध कारोबार को ध्वस्त करने के लिए विभाग ने ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई है।

​इसी क्रम में बुधवार को उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने रामगढ़ के चुट्टूपालू क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक परीक्षण का खुद जायजा लिया। परीक्षण के सफल नतीजों से प्रभावित दिखे मंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित इस व्यवस्था से जहां अवैध गतिविधियों की सटीक पहचान और त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी, वहीं राज्य के राजस्व हितों की भी मजबूती से रक्षा होगी।

​मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया कि उत्पाद विभाग की प्रवर्तन और निगरानी व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाना सरकार की प्राथमिकता है। मौके पर मौजूद उत्पाद विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन तकनीक का यह परीक्षण विभाग को हाई-टेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके जरिए दुर्गम जंगलों और पहड़ियों के बीच छिपे अवैध शराब के अड्डों की आसानी से मैपिंग कर उन पर प्रभावी नकेल कसी जा सकेगी।

​इस अवसर पर उत्पाद आयुक्त, सहायक आयुक्त, उत्पाद अधीक्षक और संबंधित उत्पाद निरीक्षक सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।