रांची। देश में जारी जनगणना प्रक्रिया के बीच इसमें ओबीसी के लिए भी कॉलम जोड़े जाने की मांग तेज होने लगी है। इसके लिए अब पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित दूसरे मंत्रियों, राष्ट्रीय दलों के प्रमुख और सांसदों से भी मदद मांगी जाएगी। सोमवार को राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड प्रदेश ने रांची इस मसले पर अपनी रणनीति तय की। अम्बेडकर चौक में हुई मोर्चा की बैठक में सबसे पहले झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि दी गयी। जनगणना में ओबीसी कॉलम की मांग को लेकर काला बिल्ला लगा कर सांकेतिक विरोध दर्ज किया। राजकीय शोक के कारण कोई नारेबाजी नहीं की गई। इसके बाद मोर्चा के प्रांत अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने जाति जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है सबका साथ सबका विकास, लेकिन ओबीसी की गिनती से ही परहेज कर रही है। पूरे झारखंड में हजारों साथियों ने अपने घर पर ही काला रिबन लगा कर इस आंदोलन को सफल बनाया है। ये लड़ाई अब रांची से गांव-गांव तक पहुंच गई है और अब गांव से दिल्ली तक कूच होगा। उन्होंने जल्द ही दिल्ली जाकर पीएम, गृह मंत्री सहित अन्य से भी अपनी मांगों के समर्थक में सम्पर्क किए जाने की जानकारी दी। ओबीसी मोर्चा, झारखंड के मीडिया प्रभारी अशोक कुमार कुशवाहा ने कहा कि हमने राजकीय शोक का सम्मान किया, कोई नारेबाजी नहीं की। लेकिन सरकार हमारे शांतिपूर्ण विरोध को कमजोर न समझे। उन्होंने कहा कि अगर ओबीसी कॉलम नहीं जोड़ा गया तो आने वाले दिनों में पूरे झारखंड में बड़ा आंदोलन होगा। राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के वरिष्ठ सहयोगी और झारखंड कौमी ताहिर के अध्यक्ष आज़म ने कहा कि सोमवार को बारिश के बावजूद हमारे साथी डटे रहे। जाति जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम को जोड़ना ही होगा। इसके बिना ओबीसी की गिनती सम्भव नहीं। मौके पर मोर्चा के महासचिव रामअवतार शर्मा, युवा अध्यक्ष उत्कर्ष कुमार के अलावा प्रदेश वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश साहू, डॉ दिलीप सोनी, प्रो भरत ठाकुर, रविंद्र यादव, विनोद कुमार गोप सुबोध कुमार ठाकुर सहित कई अन्य भी उपस्थित थे।