​रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने राज्य की वर्तमान शासन व्यवस्था और लोकतांत्रिक परंपराओं के हनन पर गहरा चिंता जताते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य के मुख्यमंत्री अप्रासंगिक हो चुके हैं और शासन पर उनकी पकड़ कमजोर पड़ गई है?

​सुदेश महतो ने लोकतांत्रिक संवाद की कमी पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू को मुख्यमंत्री से समय न मिलने के कारण ज्ञापन मुख्य सचिव को सौंपना पड़ा। इतना ही नहीं, सरकार में शामिल सहयोगी दलों (कांग्रेस और झामुमो) के प्रतिनिधिमंडलों को भी अपनी मांगों के लिए मुख्य सचिव के पास जाना पड़ रहा है। विपक्ष तो ठीक, सत्ता पक्ष के सहयोगियों को भी मुख्यमंत्री से न मिल पाना शासन प्रणाली की विफलता को दर्शाता है।

​इसके अलावा, उन्होंने जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े कथित घोटाले और मुख्य सचिव कार्यालय से जुड़े एक कर्मी की सीआईडी द्वारा गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। सुदेश महतो ने मांग की कि सीआईडी इस पूरे मामले में पारदर्शिता बरतते हुए पूछताछ में सामने आए सभी तथ्यों को जनता के समक्ष सार्वजनिक करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं, जवाबदेही और पारदर्शिता का पालन करते हुए जनता के इन गंभीर सवालों के स्पष्ट जवाब देने चाहिए।