रांची। जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों ने देवेन्द्र नाथ महतो को जल्द सदर अस्पताल, रांची से छोड़ने की चेतावनी सरकार को दी है। ऐसा नहीं करने पर छात्रों द्वारा बड़ा स्टेप लिए जाने की भी बात कही है। इस संबंध में गुरुवार को स्टेडियम में जेपीएससी- जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच ने प्रेस वार्ता की। इसमें मंच के अध्यक्ष राम अवतार महतो ने कहा कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के बाद देर शाम एम्बुलेंस से छात्र नेता देवेन्द्र नाथ को सदर अस्पताल में सरकार ने एडमिट करा दिया था। इसके बाद डॉक्टर की ओर से जरूरी इलाज किया गया था। अब वे बेहतर महसूस कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें पुलिस की निगरानी में अस्पताल में ही ‘कैद’ कर रख लिया गया है। उनसे किसी भी छात्र को मिलने नहीं दिया जा रहा है। श्री महतो ने कहा कि अपने बेहतर स्वास्थ्य के आधार पर देवेन्द्र स्टेडियम आना चाहते हैं। छात्र आंदोलन में फिर से भागीदारी करने को तैयार हैं। इसके लिए उन्होंने सिविल सर्जन, रांची को पत्र भी लिखा है पर उन्हें जबरन सरकार अस्पताल में ही रखे हुए है। यह छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश है। उन्होंने सवाल करते कहा कि अगर देवेन्द्र अस्वस्थ हैं तो सरकार मेडिकल बुलेटिन जारी कर सच्चाई बताये। अगर वे स्वस्थ हैं तो फिर सरकार उन्हें छोड़ क्यों नहीं रही। जल्द फैसला नहीं होने पर छात्र आंदोलन सरकार के लिए और जटिल हो जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान दीनबंधु, प्रेम, रविशंकर सहित अन्य भी उपस्थित थे।

जारी है अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

जेपीएससी- जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान के तहत छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो लगातार 12 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। 10 अगस्त की शाम से सदर अस्पताल में उनका इलाज जारी है| इससे पहले जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में उनका अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी था। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 11वें दिन (बुधवार) को देवेन्द्र नाथ महतो ने सत्याग्रह स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाने की अनुमति प्रदान करने के लिए सदर अस्पताल के सिविल सर्जन को पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा है कि मेरा शरीर अस्पताल के बिस्तर पर उपचाररत है, लेकिन मेरी आत्मा और मेरा संकल्प उस सत्याग्रह स्थल पर है, जहां झारखंड के छात्र और युवा अपने भविष्य, अधिकार और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें स्टेडियम जाने की अनुमति मिले।

अभी आंदोलन रहेगा जारी

आंदोलन कर रहे छात्र प्रेम, सुधीर, राधे कुमार सहित अन्य ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि हमारे प्रदर्शन को 20 दिन हो गए, लेकिन सरकार हमारी नहीं सुन रही है। दुख की बात है कि 2 दिन बाद 15 अगस्त है। हम भी स्वतंत्रता दिवस मनाना चाहते हैं। दुर्भाग्य है कि सीएम हमारी मांग को नहीं सुन रहे हैं। छात्रों की मांग है कि जब तक जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द और मामले की सीबीआई जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र अब अपनी मांगों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत करना चाहते हैं।