रांची। जयपाल सिंह स्टेडियम में पिछले 25 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन बुधवार को समाप्त हो गया। आंदोलन खत्म होने के बाद राज्यभर से पहुंचे हजारों छात्रों ने देर शाम राजधानी रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समर्थन में एक भव्य 'आभार यात्रा' निकाली। मेन रोड स्थित अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचने पर छात्रों ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और अबीर-गुलाल लगाकर जश्न मनाया। हाथों में 'धन्यवाद मुख्यमंत्री' की तख्तियां लिए युवाओं ने सरकार द्वारा छात्र हित में लिए गए फैसलों पर खुशी जाहिर की और ढोल की थाप पर जमकर थिरके। यात्रा के दौरान चौक पर छात्रों का फूलों की पंखुड़ियों से स्वागत किया गया। इस भव्य आयोजन और भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए थे, जिससे आम लोगों को आवागमन में असुविधा न हो। आंदोलन की समाप्ति के बाद निकली इस यात्रा ने पूरी राजधानी में उत्सव का माहौल बना दिया।
निर्णय से प्रभावित कर्मी जा सकते हैं कोर्ट: सुदिव्य कुमार सोनू
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और जेएसएससी सीजीएल नियुक्ति को रद्द किए जाने से उपजे विवाद पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं का विश्वास कायम रखना और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।जेएसएससी सीजीएल में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद ही नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं करना चाहती, लेकिन परीक्षाओं की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।वहीं, जेएसएससी सीजीएल के जरिए चयनित होकर सरकारी सेवा में योगदान दे चुके अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द होने पर उन्होंने कहा कि प्रभावित कर्मचारियों के पास न्यायिक व्यवस्था का विकल्प खुला हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि प्रभावित अभ्यर्थी अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। न्यायालय में पूरे मामले की कानूनी समीक्षा होगी, जिससे यह साफ हो सकेगा कि सरकार द्वारा की गई कार्रवाई सही थी या गलत।
