देवघर। जसीडीह थाना पुलिस और एसआईटी ने फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर राइस मिल मालिक से लाखों रुपये की लूट को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह घटना बीते 8 अगस्त की है, जब जसीडीह के दर्दमारा-टाभाघाट मार्ग पर बदमाशों ने फर्जी जीएसटी अफसर बनकर राइस मिल मालिक विक्रम चौधरी को जांच के नाम पर रोका और उनसे 40.5 लाख रुपये लूट लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए देवघर एसपी प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था।
देवघर एसपी प्रवीण पुष्कर ने जानकारी दी कि इस वारदात में कुल 8 लोग शामिल थे। राइस मिल के पुराने ड्राइवर और वर्तमान सेल्समैन की मिलीभगत से इस घटना को अंजाम दिया गया। दोनों ने ही गिरोह तक यह गुप्त सूचना पहुंचाई थी कि मालिक भारी कैश लेकर जसीडीह रेलवे स्टेशन के लिए निकले हैं। सूचना मिलते ही सड़क पर फर्जी अधिकारी बनकर बदमाशों ने गाड़ी रोकी और कैश लूटकर फरार हो गए।
ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपी कुमोद पोद्दार,संजय कुमार सिंह,शिव शंकर कुमार,
घनश्याम यादव और विनोद प्रसाद यादव बिहार के जमुई और बांका जिले के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से
नकद राशि 4,30,000 रुपए,घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो,पुलिस का लोगो लगा नंबर प्लेट, पुलिस डंडा, मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया है।
एसपी के अनुसार यह एक शातिर गिरोह है जिसने पहले भी कई गंभीर वारदातों को अंजाम दिया है। इसी गिरोह ने राजधनवार में एक ज्वेलरी शॉप में फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर डकैती डाली थी, साथ ही सिमुलतला में जेवर बंधक रखने वाले एक महाजन से भी लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस गिरोह के शेष 3 फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
