​मेदिनीनगर। जिला व्यवहार न्यायालय परिसर से शनिवार को 'न्याय रथ' को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश श्रीराम शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के मार्गदर्शन में संचालित यह न्याय रथ पूरे अगस्त माह तक जिले के विभिन्न प्रखंडों और दूर-दराज के गांवों का भ्रमण करेगा।

​न्याय रथ को रवाना करते हुए प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश श्रीराम शर्मा ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिलेवासियों को उनके दरवाजे तक न्याय दिलाना है। गांव-देहात की छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान इसी न्याय रथ के माध्यम से मौके पर ही करने का प्रयास किया जाएगा।

​डालसा सचिव राकेश रंजन ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नालसा (नालसा), झालसा (झालसा) और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार इस अभियान का मुख्य मकसद है।

​उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विधिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। अब इस गतिशील वाहन के माध्यम से लोग घर बैठे जान सकेंगे कि संकट के समय कानून किस तरह उनका बचाव कर सकता है और वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सुविधाओं का लाभ कैसे उठा सकते हैं।

​अभियान के दौरान गांवों में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता, पैनल अधिवक्ता और पराविधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) मौजूद रहेंगे। वे आम लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे ताकि कोई भी व्यक्ति जानकारी के अभाव में न्याय पाने से वंचित न रह जाए।

​इस अवसर पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश संजीव कुमार दास, जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार, राज कुमार मिश्रा, श्वेता ढींगरा, सीजेएम मनोरंजन कुमार, सुशीला सोरेंग, रविशंकर पाण्डेय, सौरभ कुमार गौतम, सोनम विश्नोई, गौरव खुराना, निर्भय प्रकाश, कमल प्रकाश, शम्भू महतो एवं रोजलिना बारा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।