रांची। छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर कहा कि हेमंत सरकार लाठी के दम पर छात्रों की आवाज दबाना चाहती है। यह बर्बरतापूर्ण कार्रवाई है। अपने हक और अधिकार की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक और लोकतंत्र के लिए काला अध्याय है। पहले बारिश में टेंट नहीं लगाने दिया, फिर वाटर कैनन चलाया और अब छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।

लाठीचार्ज सरकार के ताबूत का आखिरी कील साबित होगी- बाबूलाल

नेता प्रतिपक्ष ने झारखंड के छात्रों पर लाठीचार्ज की कार्रवाई को क्रूरता और बर्बरता पूर्ण बताते हुए कहा कि बरस रही हर लाठी झामुमो-कांग्रेस सरकार के ताबूत का आखिरी कील साबित होगी। जितनी क्रूरता और बर्बरता करनी है, सरकार कर ले, लेकिन युवाओं के हौसले के सामने हर दमन पस्त होगा। झामुमो-कांग्रेस सरकार याद रखे, झारखंड के छात्रों पर बरसाई गई हर लाठी का जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार की इस तानाशाही का करारा जवाब पार्टी देगी। झारखंड के छात्रों को न्याय दिलाने तक केवल रांची ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

विधानसभा घेराव: युवाओं पर लाठीचार्ज की संजय सेठ ने की निंदा

​रांची: रक्षा राज्य मंत्री सह रांची के सांसद संजय सेठ ने विधानसभा घेराव के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि बिना किसी हिंसा या उपद्रव के रोजगार और भविष्य की मांग कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग झारखंड सरकार की तानाशाही और दमनकारी नीति को दर्शाता है।

​सांसद ने कहा कि पिछले 16 दिनों से आंदोलनरत युवाओं की समस्याएं सुनने के बजाय सरकार पुलिस बल से उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्तियों में हुई धांधली का जिक्र करते हुए उन्होंने पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी को केवल 'आईवॉश' बताया। संजय सेठ ने कहा कि महज सीआईडी जांच से मामला शांत नहीं होगा, राज्य सरकार को तुरंत सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार का यह दमन युवाओं के हौसले को तोड़ नहीं पाएगा।

लाठी और वाटर कैनन से युवाओं की आवाज नहीं दबा सकती सरकार: सुदेश महतो

जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में अव्यवस्था और अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज,आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल की आजसू पार्टी ने कड़ी निंदा की है। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने इसे हेमंत सरकार की संवेदनहीनता और विफलता का प्रमाण बताया। ​सुदेश महतो ने कहा कि बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा तक पहुंचे छात्र यह दर्शाते हैं कि युवाओं का आक्रोश चरम पर है। जिन हाथों में कलम और नियुक्ति पत्र होना चाहिए, उन पर लाठियां चलाई जा रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि पुलिस बल के पीछे छिपने के बजाय छात्रों से सीधा संवाद किया जाए, जेपीएससी-जेएसएससी की विवादित प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच हो, लंबित नियुक्तियों के लिए समयबद्ध कैलेंडर जारी किया जाए और बल प्रयोग की जवाबदेही तय की जाए।

​उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते युवाओं की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह आक्रोश जल्द ही पूरे झारखंड में एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले लेगा।

लाठीचार्ज तानाशाही, सरकार तुरंत संवाद कर मांगे माने: बीरेन्द्र प्रधान

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बीरेन्द्र प्रधान ने जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में विधानसभा घेराव कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज व वाटर कैनन के प्रयोग की कड़े शब्दों में निंदा की है।

​उन्होंने कहा कि अपने सुरक्षित भविष्य और भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। लोकतंत्र में लाठी-डंडों से नहीं, बल्कि संवाद से समाधान निकलता है। ​बीरेन्द्र प्रधान ने राज्य सरकार से मांग की है कि ​घायल छात्रों का तत्काल बेहतर इलाज कराया जाए।​घटना की निष्पक्ष जाँच कराई जाए।

​सरकार तुरंत छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता कर परीक्षाओं में हुई धांधली की पारदर्शी जाँच करे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे।​उन्होंने स्पष्ट किया कि लोजपा (रामविलास) झारखंड के युवाओं के अधिकारों की इस लड़ाई में पूरी तरह उनके साथ खड़ी है।