रांची। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने रांची में छात्र प्रदर्शन के दौरान उत्पन्न हिंसक परिस्थितियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन आंदोलन के नाम पर उकसावा, अराजकता और कानून-व्यवस्था को चुनौती देना कतई स्वीकार्य नहीं है। बंधु तिर्की ने स्पष्ट किया कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा पहले ही रद्द की जा चुकी है, जिसमें पूर्व अध्यक्ष समेत करीब 20 लोगों की गिरफ्तारी और ईडी की जांच जैसी सख्त कार्रवाइयां हुई हैं। इसके बावजूद भाजपा नेताओं की राजनीतिक साजिश और कुछ छात्र नेताओं की हठधर्मिता के कारण यह घटना हुई। वहीं, सीजीएल परीक्षा एवं नियुक्तियों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि ये प्रक्रियाएं अदालत के आदेश पर संपन्न हुई हैं और सरकार केवल संवैधानिक दायरे में रहकर ही कदम उठा सकती है। यदि भाजपा के पास इस संबंध में कोई ठोस प्रमाण हैं, तो उसे न्यायालय का रुख करना चाहिए।