गिरिडीह। गिरिडीह।झारखंड के उच्च शिक्षा, नगर विकास, खेलकूद एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असमय निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार अहले सुबह हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से उनका निधन हो गया। हरसिंहरायडीह श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके छोटे बेटे हर्ष कुमार ने अश्रुपूर्ण आंखों से मुखाग्नि दी।

अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। अंतिम यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह भावुक हो गया, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने साथी के पार्थिव शरीर को कंधा देकर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी। सुदिव्य सोनू को अंतिम विदाई देने के लिए राज्यपाल संतोष गंगवार, विधानसभा रवींद्र नाथ महतो और कैबिनेट के कई मंत्री- विधायक वहां उपस्थित थे। और अंतिम दर्शन के लिए हजारों समर्थक, कार्यकर्ता और विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

गैस का दर्द समझकर टाली थी अस्पताल जाने की बातः करीबी लोगों के अनुसार शनिवार देर रात करीब 12 बजे सुदिव्य सोनू के सीने में अचानक तेज दर्द हुआ था। उनकी पत्नी ने तुरंत अस्पताल चलने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इसे साधारण गैस का दर्द समझकर जाने से इनकार कर दिया। रात लगभग 2 बजे तबीयत बेहद बिगड़ने पर उन्हें आनन-फानन में मर्सी अस्पताल ले जाया गया।

डॉक्टरों का हर प्रयास रहा असफलः चिकित्सकों ने बताया कि अस्पताल लाए जाने से करीब दो घंटे पहले ही उन्हें घर पर पहला हार्ट अटैक आ चुका था। वह पहले से ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे और डॉक्टरों ने उन्हें स्टेंट लगवाने की सलाह भी दी थी। अस्पताल ले जाते समय उल्टी होने के कारण फेफड़ों और श्वसन नली में रुकावट (एस्पिरेशन) आ गई, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई।

डॉक्टरों की टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक सीपीआर और जीवन रक्षक दवाओं से बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन तड़के 4:00 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

राज्य में दो दिन का राजकीय शोक आज बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय

रांची। मंत्रिमंडल सचिवालय के संकल्प के अनुसार 6 और 7 सितंबर को पूरे झारखंड में राजकीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और राज्य में सभी आधिकारिक व राजकीय समारोह पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इसके साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में 7 सितंबर को अवकाश रहेगा।