साहिबगंज/बरहरवा। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित शिकायतों की ग्राउंड जीरो पर जांच करने शनिवार को चार दिवसीय दौरे पर साहिबगंज पहुंचे। बरहरवा प्रखंड में संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की साजिश का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए चार आवेदकों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले प्रज्ञा केंद्र संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
बरहरवा प्रखंड के आहुत गांव में जांच के दौरान फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के जरिए मतदाता सूची में शामिल होने के प्रयास का पर्दाफाश हुआ। इस मामले में चिह्नित चार व्यक्तियों रूबेदा बेवा, रबी शेख, पिंटू शेख और सेन्टू शेख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जांच में सामने आया कि इन सभी अपात्र व्यक्तियों को फर्जी दस्तावेज प्रज्ञा केंद्र संचालक मोहम्मद सलीम द्वारा तैयार कर उपलब्ध कराए गए थे। चुनाव आयोग के निर्देश पर फर्जी कागजात तैयार करने वाले प्रज्ञा केंद्र संचालक मो. सलीम पर भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
अधिकारियों के साथ बैठक करने से पहले मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्वयं बरहरवा में चिह्नित संदिग्ध व्यक्तियों के घरों पर जाकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित व्यक्तियों के निवास, उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और पंजीकरण से जुड़े अभिलेखों की बिंदुवार जांच की।
के. रवि कुमार ने संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) को निर्देश दिया कि मतदाता सूची से जुड़े प्रत्येक संदिग्ध मामले की गहराई से जांच हो और सभी संलग्न दस्तावेजों का नियमानुसार शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेज के सहारे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अपने इस चार दिवसीय दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी साहिबगंज के अलावा गोड्डा, दुमका और देवघर जिलों के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित शिकायतों की खुद स्थल जांच करेंगे और जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।
