रांची। ​राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 23 दिनों से आंदोलनरत छात्रों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। जेपीएससी-जेएसएससी छात्र और रिफॉर्म मंच के बैनर तले एकजुट हुए अभ्यर्थियों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का पुतला फूंका।

​छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से हाथों में पुतला लिए जुलूस की शक्ल में अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे और सरकार व नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। अभ्यर्थी जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने तथा टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

​छात्रों ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे राष्ट्रीय नेता छात्रों के मुद्दों पर सिर्फ दिखावा कर रहे हैं, जबकि उन्हें आंदोलनरत अभ्यर्थियों के बीच आना चाहिए था। पुतला दहन के जरिए अपनी आवाज इन नेताओं तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। रांची के अलावा हजारीबाग समेत अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

​संवाद और पढ़ाई प्राथमिकता, पर मजबूरन आंदोलन

मंच के कोर ग्रुप सदस्य राजेश प्रसाद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि वे छात्रों से सीधा संवाद कर उनकी जायज मांगों को स्वीकार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र किसी टकराव या घेराव के पक्ष में नहीं हैं। वे अपनी पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं और चाहते हैं कि बातचीत के जरिए जल्द से जल्द समाधान निकले ताकि वे अपनी तैयारी पर लौट सकें।

देवेंद्र महतो अस्पताल में भर्ती

दूसरी ओर, स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आंदोलन के 23वें दिन रविवार से जेपीएससी जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच' के तहत 4 छात्र—राजबल प्रसाद, उदय मेहता, राजीव कुमार कुशवाहा और उदय मंडल—अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इससे पूर्व, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो बीते 14 दिनों से भूख हड़ताल पर थे, जिनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। न्याय मंच ने सरकार से स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।