रांची। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), झारखंड राज्य परिषद की एक अहम बैठक रविवार को अल्बर्ट एक्का चौक स्थित पार्टी के राज्य कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य परिषद सदस्य कामरेड जैनेन्द्र कुमार 'तथागत' ने की। इस दौरान पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।

बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा के राज्य सचिव कामरेड महेंद्र पाठक ने जेपीएससी घोटाले और केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक 2026 को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया।

बैठक में छात्रों के चल रहे आंदोलन का पूर्ण समर्थन करते हुए भाकपा ने कहा कि छात्रों का सीबीआई और सीआईडी की जांच पर से भरोसा उठ चुका है। पार्टी ने झारखंड सरकार से मांग की है कि हाईकोर्ट के कार्यरत जजों की कमेटी बनाकर इस घोटाले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके।

पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक 2026 का कड़ा विरोध किया है। महेंद्र पाठक ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला हक यहां के मजदूरों, आदिवासियों और स्थानीय जनता का है। कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए राज्य के जल-जंगल-जमीन की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विधेयक के विरोध में पार्टी कल, 17 अगस्त से पूरे झारखंड में व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू करेगी। भाकपा ने मजदूरों, किसानों, छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।

बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक, राष्ट्रीय परिषद सदस्य पी.के. पांडे, प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष व सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. रनेंद्र कुमार, राज्य कार्यकारिणी सदस्य ए.के. रसीदी, वरिष्ठ पत्रकार फैसल अनुराग व मुकेश कुमार, एआईएसएफ सचिव विक्रम सिंह, किसान सभा के ईसाक अंसारी और आदिवासी महासभा के छुमु उरांव समेत कई अन्य नेता व प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।