​रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) की राशि में हुई गड़बड़ी के मामले में आरोपी प्रमोद कुमार सिंह की जमानत याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी है। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ 4.16 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के सीधे गबन के आरोपों को गंभीर मानते हुए उसे राहत देने से इनकार कर दिया।

​अदालत ने कहा कि मामले में अभी कई महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही होनी बाकी है और आरोपी द्वारा गवाहों को प्रभावित किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

​प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि वह 6 फरवरी 2026 से जेल में बंद हैं और 2 मई 2026 को मामले में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। याचिकाकर्ता एनआरएचएम में प्रखंड लेखा प्रबंधक के पद पर संविदा पर तैनात थे, जबकि राशि की निकासी और वितरण का मुख्य जिम्मा मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएमओ) का था।

​भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया। केंद्र सरकार से एनआरएचएम के तहत 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई थी, जिसमें से 4.16 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी का आरोप है।

​यह मामला एसीबी थाना धनबाद (कांड संख्या-15/2019) में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। आरोपी प्रमोद कुमार सिंह पर आरोप है कि उन्होंने गबन की राशि को अपने, रिश्तेदारों और दोस्तों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया था।