रांची। निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली एवं मतदाता अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन करेगी। पार्टी महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल के निर्देशानुसार प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने भी इसके लिए अपनी रणनीति तय की है। पार्टी के सभी जिला कांग्रेस कमिटी अध्यक्षों को निर्वाचन आयोग से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेष ध्यान देते हुए आंदोलन को प्रभावी रूप से संचालित करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत 27 सितंबर की सुबह सभी जिला मुख्यालयों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया जाएगा। इसमें कांग्रेस निर्वाचन आयोग से संबंधित अपनी मांगों, मतदाता अधिकारों की रक्षा तथा एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े विषयों को प्रमुखता से जनता के समक्ष रखेगी। इसके पश्चात 28 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों से समाहरणालय तक मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता शामिल होंगे। निर्वाचन आयोग से संबंधित मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। मार्च के उपरांत जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसी क्रम में 28 सितंबर को रांची स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष भी आंदोलन आयोजित किया जाएगा।

प्रदेश प्रभारी श्री के. राजू ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सभी वरिष्ठ नेताओं, जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्षों और दूसरे नेताओं से अपील की है कि वे निर्वाचन आयोग से जुड़े इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मुद्दे पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करते हुए आंदोलन को व्यापक एवं प्रभावी बनाएं। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि निर्वाचन आयोग के मुद्दे पर पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को अधिकतम ध्यान केंद्रित करने तथा देशव्यापी आंदोलन को सफल बनाने के उद्देश्य से 26 सितंबर को एमएमडीआर तथा ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे को लेकर प्रस्तावित राजभवन मार्च को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है।

यह कार्यक्रम स्थायी रूप से निरस्त नहीं किया गया है, बल्कि वर्तमान परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग से जुड़े देशव्यापी आंदोलन को प्राथमिकता देते हुए इसे अगले आदेश तक स्थगित किया गया है। इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के आगामी निर्देशों के अनुरूप आगे का कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा।