खूंटी। सिक्किम टनल हादसे के सदमे से रनिया प्रखंड अभी उबर भी नहीं पाया था कि पलायन की एक और दर्दनाक तस्वीर सामने आ गई। गरीबी से तंग आकर रोजगार की तलाश में घर से निकले रनिया प्रखंड के गड़सिदम (टोला रायमुंडा) निवासी मंगरा हेमरोम (30 वर्ष) ट्रेन हादसे का शिकार हो गए। आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास चलती ट्रेन से गिरने के कारण उनका एक पैर कट गया। इस दुर्घटना ने परिवार के सामने अब रोजी-रोटी के साथ-साथ इलाज का भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

मंगरा के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। इसी बीच गांव के ही एक परिचित के प्रस्ताव पर मंगरा ने गोवा जाकर बोट से मछली पकड़ने के काम में जुड़ने का फैसला किया। पत्नी मुन्नी केरकेट्टा की सहमति के बाद वह 12 जुलाई को धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस के जनरल बोगी से गोवा के लिए रवाना हुए।

14 जुलाई की रात ओंगोल स्टेशन के पास मंगरा अनियंत्रित होकर चलती ट्रेन से नीचे गिर गए। गंभीर हालत में ओंगोल पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया, जहाँ होश आने पर उन्हें एक पैर गंवाने की बात पता चली। हादसे के बाद मंगरा का मोबाइल खराब हो चुका था और पत्नी के फोन में रीचार्ज न होने के कारण परिवार से संपर्क टूट गया था। ओंगोल पुलिस को मंगरा के फोन से एक परिचित का नंबर मिला, जिसके माध्यम से खबर परिजनों तक पहुँची। सूचना मिलते ही पत्नी मुन्नी गांव के कुछ लोगों के साथ ओंगोल पहुँचीं और अब अपने घायल पति को लेकर वापस झारखंड लौट रही हैं। शनिवार को मुन्नी अपने पति को लेकर खूंटी पहुँचेंगी। मामले की जानकारी मिलते ही तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया और रनिया बीडीओ प्रशांत डांग लगातार पीड़ित परिवार से संपर्क बनाए हुए हैं। अधिकारियों व विधायक की सलाह के बाद यह तय किया जाएगा कि मंगरा का आगे का इलाज रिम्स (रांची) में कराया जाए या खूंटी सदर अस्पताल में।